Circular It is for the information of all the Leaders of Anmol Life that please update/activate your before 31st March 2019 with an amount of Rs.500/-(Five Hundred only) to avail new benefits and old pendency if any. Also please update if you have any pending amount with the company. Please note down the following two points mentioned below: 1. You are requested to update/activate your old ID’s with a fee of Rs.500/- for which you will get discount card, in which you will get a discount of 25% in the institutions associated with Anmol Life. 2. Submit details of any pendency with Anmol Life other than payout. Management Anmol Life Business Solutions Pvt. Ltd.
 
सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स किसी भी व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति या ग्रुप या कंपनी से सीधे बातचीत का मौका देती हैं। ऐसे में जब कोई कंपनी सोशल साइट पर आती है तो लोग उससे तो लोग सीधे तौर पर उस कंपनी से जूड सकतें हैं तथा पोस्ट कर सकते है। यही कारण है कि सोशल साइट पर उत्पाद को लोकप्रिय होते समय नहीं लगता। उदाहरण के लिए ट्विटर पर रीट्वीट और रीपोस्ट के विकल्प किसी भी ग्राहक को वृहद नजरिए से उत्पाद को जांचने का और उसे पसंद या नापसंद करने का मौका देते हैं। इससे लोगों की संख्या में इजाफा होता है और कई जानकारियों का भी आदान प्रदान होता है। यह नेटवर्क मार्केटिंग मे बिजनेस को बढ़ाने मे दुसरे ओर तरीको से काफी ज्यादा कारगार साबित हो रहा है। चूंकि हर व्यक्ति को कंपनी खुद जवाब देती है, इसलिए ग्राहक की कंपनी के प्रति विश्वसनीयता भी बढ़ती है।
 
जब इंटरनेट इतना प्रचलित नही था, और सोशल मीडिया का नाम भी नही था। उस समय कंपनी का माल भी मार्केट मे आने के बाद भी महीनो सालो तक लोगो के पास पहुंचती थी। लेकिन अब जब इंटरनेट लोगो की जेब मे हैं। युवा छात्रो से लेकर बुर्जुग तक सभी सोशल मीडिया पर एक्टिव है। जंहा एक ओर तो आॅनलाइन खरीदारी का चलन चल पडा है। वहीं दुसरी ओर अनेको नेटवर्क मार्केटिंग कंपनियों ने भी सोशल साइट्स का सहारा लिया है। जिसके बाद से नेटवर्क मार्केटिंग की मांग काॅरपोरेट जगत मे इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। सोशल मीडिया के माध्यम से नेटवर्क मार्केटिंग मे करियर के नए विकल्प उभर के सामने आए है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में तरक्की करने की असीम संभावनाएं हैं। इसके दो कारण हैं। पहला तो यह कि भारत में इस समय करोडो इंटरनेट उपभोक्ता है। और दूसरा ये कि भविष्य में इनकी संख्या करीब दस गुना तक बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी कंपनी को टिके रहना है तो उसे इस नए डिजिटल माध्यम द्वारा ग्राहकों की जेब से पैसा निकालना होगा।